Additional information
| Weight | 60 g |
|---|---|
| Dimensions | 17 × 23 × 0.2 cm |
| Age Group | |
| Language | |
| Year of Publication | 2023 |
| ISBN | 9789383418619 |
publications@muskaan.org
₹80.00
Author(s): Geeta Dhurve
Illustrator: Heera Dhurve
आजी बार-बार मावली का नाम लेती है| वो बोलती है कि मावली हम बच्चों की रक्षा करती है ताकि हम बीमार नहीं पड़ें| बूढों को भी ध्यान रखती है| लेकिन अगर अपने घर में मावली है तो वो दिखती क्यों नहीं ? गाँव में होती होगी, लेकिन यहाँ बस्ती मिएँ भी, हमरे घर में भी? गहना नहीं मानती मावली को| गोंड समुदाय की नटखट लड़की गहना के साथ आप भी मावली माता की खोज में उलझें…..
| 💫 Best Illustrator in Room to Read Awards 2024 – Shortlisted |
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